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दूध पिलाने वाली माताओं को सामानà¥à¤¯ महिलाओं की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में 600 अतिरिकà¥à¤¤ कैलरी अपनी खà¥à¤°à¤¾à¤• में शामिल करनी चाहिà¤à¥¤ अतिरिकà¥à¤¤ कैलरी की यह जरूरत संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार से पूरी होनी चाहिठजिसमें विटमिन, मिनरल, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, कॉरà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ, फैटà¥à¤¸ और पानी शामिल हों। बचà¥à¤šà¥‡ को मां के दूध की परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ मिलती रहे, इसके लिठजरूरी है कि ये पोषक ततà¥à¤µ परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में गà¥à¤°à¤¹à¤£ किठजाà¤à¤‚।
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र खà¥à¤°à¤¾à¤•
डिलिवरी के बाद à¤à¤• मां को पहले 6 महीने तक 80 गà¥à¤°à¤¾à¤® और 6-12 महीने तक तकरीबन 70 गà¥à¤°à¤¾à¤® पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की जरूरत होती है। खà¥à¤°à¤¾à¤• में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ होना इसलिठमहतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये बचà¥à¤šà¥‡ की कोशिकाओं व मांसपेशियों के विकास और उसके वजन को बढ़ाने के लिठमां के दूध की परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ आपूरà¥à¤¤à¤¿ सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करते हैं। पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ हमारे शरीरों में हॉरà¥à¤®à¥‹à¤‚स, à¤à¤‚जाइमà¥à¤¸ और à¤à¤‚टिबॉडीज के विकसित होने में à¤à¥€ सहायक होते हैं।
डीà¤à¤šà¤
बचà¥à¤šà¥‡ के विजà¥à¤…ल और मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठडीà¤à¤šà¤ की जरूरत होती है। मां के दूध में मौजूद डीà¤à¤šà¤ बचà¥à¤šà¥‡ की धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ और साइकोमोटर विकास करते हैं। मां के दूध में मौजूद डीà¤à¤šà¤ सीधे तौर पर मां की खà¥à¤°à¤¾à¤• से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ होता है। मां के दूध में डीà¤à¤šà¤ का वैशà¥à¤µà¤¿à¤• औसत कà¥à¤² फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¥à¤¸ का 0.32 फीसदी है, जबकि कà¥à¤› अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मांओं के दूध में डीà¤à¤šà¤ लेवल काफी कम होता है। मांसाहारियों को अपनी खà¥à¤°à¤¾à¤• में मछली को शामिल करना चाहिà¤à¥¤ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को दूध पिलाने के वकà¥à¤¤ यह डीà¤à¤šà¤ का आदरà¥à¤¶ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है। अगर आप कोई हेलà¥à¤¥ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क ले रही हों तो यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ कर लें कि उसमें डीà¤à¤šà¤ जरूर हो।
आयरन
आयरन की कमी से होने वाले à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ रोग का मां के दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ पर नकारातà¥à¤®à¤• असर पड़ता है। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली महिलाओं के लिठआयरन रिच खà¥à¤°à¤¾à¤• लेना जरूरी होता है। हमारी खà¥à¤°à¤¾à¤• में आयरन के कà¥à¤› सामानà¥à¤¯ सà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥‹à¤‚ में दालें और फलियां, हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, तरबूज, अंडा और रेड मीट इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ शामिल हैं।
कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और विटमिन डी
बढ़ते हà¥à¤ नवजात की हडिà¥à¤¡à¤¯à¥‹à¤‚ के विकास के लिठकैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® पà¥à¤°à¤®à¥à¤– पोषक पदारà¥à¤¥ है। कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® के आदरà¥à¤¶ सà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥‹à¤‚ में दूध व इससे बनने वाले पदारà¥à¤¥ जैसे दही, चीज़, पनीर और हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, रागी इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ हैं। विटामिन डी के लिठअंडे की जरà¥à¤¦à¥€ के साथ टूना, सैलमन और मैकरेल मछलियों का सेवन करें। सूरà¥à¤¯ का पà¥à¤°à¤•ाश à¤à¥€ आपकी विटामिन डी की जरूरतो को पूरा करने में सहायक होगा।
गैलेकà¥à¤Ÿà¥‹à¤—ोगस का उपयोग
मां में दूध के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ और उसे बेहतर बनाने के लिठà¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ लोग मेथी, जीरा, सौंफ और गोंद के लडà¥à¤¡à¥‚, मेथी के लडà¥à¤¡à¥‚, बादाम का हलवा, सूखी हà¥à¤ˆ अदरक (सौंठ) की बरà¥à¤«à¥€ जैसे खास तैयारी वाली चीजें और कà¥à¤› à¤à¤¸à¥€ अनà¥à¤¯ चीजों का सेवन करते हैं, जिनमें बाजरा और हरे पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का उपयोग होता है। अजवाइन, सौंफ और अदरक जैसी वनसà¥à¤ªà¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और मसालें पाचन के लिठअचà¥à¤›à¥€ मानी जाती हैं और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेट दरà¥à¤¦ में आराम दिलाने में सहायक होती हैं। वहीं, ऊपर जिन चीजों का उलà¥à¤²à¥‡à¤– किया गया है, वे दूध के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ को बढ़ाने में सहायक मानी जाती हैं। हालांकि इन चीजों का उपà¤à¥‹à¤— संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ ढंग से ही करना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनमें फैट और कैलरी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती हैं।
इन सà¤à¥€ पोषक पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को खà¥à¤°à¤¾à¤• में शामिल करने के अलावा सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली महिलाओं को इन टिपà¥à¤¸ को à¤à¥€ फॉलो करना चाहिà¤à¤ƒ
- दिन में तकरीबन 3 बार पोषक आहार लें और नाशà¥à¤¤à¥‡ को कà¤à¥€ सà¥à¤•िप न करें
- सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने के दौरान à¤à¥‚ख लगना सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• है। वजह यह है कि सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ में à¤à¥€ काफी कैलरी खरà¥à¤š होती हैं, इसलिठमांओं को सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने के दौरान कम से कम 3 बार नियमित खà¥à¤°à¤¾à¤• और 2 से 3 बार हलà¥à¤•ी खà¥à¤°à¤¾à¤• लेनी चाहिà¤à¥¤ यह जरूरी है कि खासकर नाशà¥à¤¤à¥‡ समेत सारी खà¥à¤°à¤¾à¤• ली जाà¤à¤‚। नाशà¥à¤¤à¥‡ के विकलà¥à¤ªà¥‹à¤‚ में फल, कà¥à¤› बादाम, वेज रोलà¥à¤¸, सैंडविच, फà¥à¤°à¥‚ट सलाद इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ शामिल हैं।
- जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ शà¥à¤—र और फैट वाले आहार को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में लें
- आलू के चिपà¥à¤¸, चॉकलेट, केक और सॉफà¥à¤Ÿ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸ जैसे हाई फैट और शà¥à¤—र वाली चीजों के उपà¤à¥‹à¤— को कम करना चाहिà¤à¥¤ ये सारी चीजें 'शूनà¥à¤¯' कैलरी वाली होती हैं और किसी तरह का पोषक ततà¥à¤µ इनमें नहीं होता।
- अलà¥à¤•ोहल और धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ से बचें
- अलà¥à¤•ोहल तà¥à¤°à¤‚त मां के दूध तक पहà¥à¤‚चता है और बचà¥à¤šà¥‡ पर असर डाल सकता है। धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ और तमà¥à¤¬à¤¾à¤•ू के उपयोग से à¤à¥€ बचें।
- सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान ‘डाइटिंग’ से बचें
- डाइटिंग करने की बजाठवà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें। रोजाना की वॉकिंग, सà¥à¤µà¥€à¤®à¤¿à¤‚ग में à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ को शामिल करने की कोशिश करें।
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